युद्ध लाभ का सौदा
बचपन से सुनते आये हैं काश्मीर तो क्या देंगें - लाहौर करांची ले लेंगें। और अभी कुछ समय पहले ही हमारे माननीय प्रधानमंत्री ने बोला “या तो खून बहेगा या पानी।” तो ऐसा लगता है कि हमारे देश के लोग और यहाँ के हुक्मरान पाकिस्तान से युद्ध के लिए अपने आप को तैयार कर रहे हैं। लोग समय समय पर यह भी कहते रहे है कि अगर भारत के सब लोग एक साथ सुसु भी कर दें तो पाकिस्तान में बाढ़ आ जाए(ये अलग बात है कि इस काम में तकनीकी समस्या आएगी)
तो पहला सवाल तो ये है कि युद्ध क्यों और कब लड़ा जाना चाहिए - तो आज तक का ऐतिहासिक अनुभव देखें तो पता चलता है कि युद्ध तीन प्रमुख कारणों से लड़ा जाता है पहला - सम्पदा के लिए दूसरा - गुलामों के लिए और तीसरा - अहंकार के लिए। पर अब ऐसा लगता है की युद्ध के नाम की जरुरत आजकल चुनाव जीतने के लिए भी होने लगी है।
चलो कोई बात नहीं दूसरी बात पर आते हैं तो बात यह है कि आज के समय में अगर युद्ध हों तो क्या हो तो उदाहरण के लिए आज चीन ये सोच ले कि उसे अमेरिका पर हमला करना है तो वहां का सबसे समृद्ध राज्य है कैलिफ़ोर्निया और कैलिफोर्निया का सबसे समृद्ध शहर है सिलिकॉन वेली और चीन ने हमला करके उसे जीत लिया तो चीन को वहां क्या मिलेगा कुछ बड़ी बड़ी कंपनियों के खाली ऑफिस और कुछ नहीं फिर जीत के क्या फ़ायदा। मूल बात यह है कि आजकल सम्पदा बुद्धि का हिस्सा बन गयी है जो कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति की सिर्फ प्रेम और बंधुत्व से ही जीत सकता है। प्राकृतिक सम्पदा के लिए युद्ध समझ आता है पर बौद्धिक सम्पदा के लिए युद्ध निरर्थक हैं । और गुलामों की मंडियां आज कल बंद हो गयी है।
तीसरी बात सबसे महत्वपूर्ण है वह ये कि मान लो भारत पाकिस्तान को जीत ले फिर क्या होगा?
हमारी जनसँख्या एकदम से बढ़ जायेगी( अगर हमने 19 करोड़ लोगों को गोली से नहीं उड़ाया तो)
पाकिस्तान के पास प्राकृतिक सम्पदा पहले ही नहीं है तो भारत के ऊपर दबाव बढ़ जाएगा।
युद्ध में जो सैनिक मरेंगें उनकी जिम्मेदारी कौन कौन देशभक्त ले सकता है ??
युद्ध की वजह से जो आर्थिक भार देश जी जनता पर आएगा उससे भारत और गरीब जाएगा।
तो भाइयों और बहिनों कृपया पाकिस्तान से जंग करो तो पहले थोड़ा सा ऊपर लिखी बातों के बारे में सोच लेना। वरना फालतू की बातें करना बंद कर दो और करने वालों के दिमाग को भी ठिकाने लगाओ।
जय हिन्द जय भारत